यू
पी ए सरकार जिस प्रकार जनभावनाओं की अनदेखी कर है और समझ बैठी है की
मायावती और मुलायम सिंह को ब्लैक मैल करके वो सत्ता में बनी रह सकती
है,उसका भ्रम है|बाबा राम देव और अन्ना जी के फ्लॉप हो जाने से आंदोलन
समाप्त हो गये यह भी भ्रम है|आज़ादी की जंग की तरह शीघ्र ही एक नई जंग
शीघ्र आरंभ होगी,समझ लो क़ब्र खुद चुकी है,जनाज़ा उठने की देर है.येह मत
भूलो "दारा रहा ना जम ना सिकंदर सा बादशाह,तख्ते ज़मीन पे सैकड़ों आए चले
गये"और क्या कभी सुना है की"पिस्सू ने मार डाला,नमरूद सा सिटमगर" फिर जन
आक्रोश का सामना कब तक करोगे|

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